दिल्ली में प्रदूषण और घने कोहरे से रेलवे सेवाएं प्रभावित, ट्रेनें लेट
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Delhi Air Pollution and Dense Fog Disrupt Railway Services, Trains Delayed
दिल्ली में एयर पॉल्यूशन और घने कोहरे के कारण ट्रेनों की रफ्तार धीमी, कई एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं।
कम दृश्यता और स्मॉग से सिग्नल प्रभावित, रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा के लिए विशेष निर्देश और तकनीकी उपाय लागू किए हैं।
रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को लंबा इंतजार, ठंड और भीड़ से बुजुर्गों व बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना।
Delhi/ राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण और घने कोहरे ने जनजीवन के साथ-साथ रेलवे सेवाओं को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। सर्दियों के मौसम में प्रदूषण का स्तर खतरनाक श्रेणी में पहुंचने और दृश्यता में भारी गिरावट के कारण कई ट्रेनों का संचालन समय से नहीं हो पा रहा है। उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों को जोड़ने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों पर इसका सबसे अधिक असर देखने को मिल रहा है।
घने कोहरे के चलते सुबह और देर रात के समय रेलवे ट्रैक पर दृश्यता बेहद कम हो जाती है। ऐसे में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों की गति सीमित करनी पड़ती है। परिणामस्वरूप कई एक्सप्रेस और मेल ट्रेनें घंटों की देरी से चल रही हैं, जबकि कुछ लोकल और पैसेंजर ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द भी किया गया है। नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली और हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
वायु प्रदूषण ने भी रेलवे परिचालन को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित किया है। स्मॉग के कारण सिग्नल विजिबिलिटी कम हो जाती है, जिससे ड्राइवरों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ती है। रेलवे प्रशासन ने लोको पायलटों को विशेष निर्देश जारी किए हैं और कई रूट्स पर फॉग सेफ्टी डिवाइस तथा अतिरिक्त तकनीकी निगरानी का सहारा लिया जा रहा है।
यात्रियों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। ठंड, देरी और प्लेटफॉर्म पर भीड़ के कारण खासकर बुजुर्गों, बच्चों और लंबी दूरी के यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई यात्रियों का कहना है कि समय पर सूचना न मिलने से उनकी आगे की यात्रा योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, मौसम में सुधार होने तक यह स्थिति बनी रह सकती है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी जरूर लें और आवश्यक होने पर वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर भी विचार करें। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक प्रदूषण और कोहरे की समस्या पर नियंत्रण नहीं होता, तब तक सर्दियों में रेलवे सेवाओं पर इस तरह का असर जारी रह सकता है।